गड़ीसर झील राजस्थान के जैसलमेर शहर के दक्षिण में स्थित एक कृत्रिम जलाशय है। इसके चारों ओर नक्काशीदार पत्थर की इमारतें हैं और इसका जुड़ाव शहर की ऐतिहासिक जलापूर्ति से रहा है। आप किनारे से घाटों और मंदिरों को निहार सकते हैं या पैडल बोट और नाव चलाने के विकल्पों के बारे में पता कर सकते हैं। निकलने से पहले मौजूदा समय और दाम की पुष्टि ज़रूर कर लें।
- इसे गडीसर झील के नाम से भी जाना जाता है।
- इसके किनारों पर नक्काशीदार छतरियाँ, मंदिर, देवस्थल और घाट हैं।
- झील में पैडल बोट और नाव चलाने की सुविधा है।

गड़ीसर झील का इतिहास और भौगोलिक स्थिति
गड़ीसर झील का इतिहास वर्षा जल के संग्रह और जैसलमेर की भरोसेमंद जलस्रोत की ज़रूरत से जुड़ा है। इसका इतिहास 1400 AD में महारावल गडसी सिंह के शासनकाल से जुड़ता है। एक समय यह शहर को पानी की आपूर्ति करती थी।
एक अन्य विवरण के अनुसार, राजा रावल जैसल ने 1400 AD में झील बनवाई थी और बाद में महारावल गडसी सिंह ने इसका जीर्णोद्धार कराया। झील के मूल निर्माता को लेकर दोनों विवरण अलग-अलग हैं। अब झील जलापूर्ति का स्रोत नहीं है; ऐतिहासिक रूप से इसमें वर्षा जल और जलग्रहण क्षेत्र से आने वाला सतही पानी जमा होता था।
यह झील जैसलमेर शहर के दक्षिण में है। इसका परिवेश इसकी पुरानी भूमिका की झलक देता है: यह एक ऐसा जलाशय है जिसके किनारे पर निर्माण हुए हैं, न कि कोई एकांत प्राकृतिक झील।

घाट, मंदिर और झील किनारे के नज़ारे
नक्काशीदार छतरियाँ, मंदिर, देवस्थल और घाट झील के किनारे को खास पहचान देते हैं। उत्तर-पूर्वी किनारे पर घाटों का विस्तार और विकास किया गया है।
तिलों की पोल झील के पास बना एक प्रवेशद्वार है। किनारे से इसकी स्थापत्य कला निहारें और परिसर में लगे निर्देशों का पालन करें।

नौका विहार और मौजूदा पर्यटक सुविधाएँ
झील में पैडल बोट और नाव चलाने की सुविधा है। यहाँ आपको प्रवासी पक्षी भी दिख सकते हैं।
यहाँ घूमने का अनुमानित समय 7 AM–7 PM है और नौका विहार का अनुमानित दाम ₹100 है। इन आँकड़ों को अनुमानित मानें और जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी जाँच लें।
लाइफ जैकेट, यात्रियों की अधिकतम संख्या और झील बंद होने से जुड़े नियम आपकी योजना पर असर डाल सकते हैं। नाव में चढ़ने से पहले झील पर मौजूदा व्यवस्थाओं के बारे में पूछ लें।

कब जाएँ और क्या साथ रखें
पानी और धूप से बचाव का सामान साथ रखें। पत्थर की सीढ़ियों पर आराम से चलने के लिए मज़बूत जूते पहनें। अगर आप नौका विहार करना चाहते हैं, तो तय करने से पहले उपलब्धता और किराये की पुष्टि कर लें। पानी के आसपास पक्षियों पर भी नज़र रखें।
झील के साथ जैसलमेर के पुराने शहर की सैर
गड़ीसर झील को जैसलमेर के पुराने शहर के दर्शनीय स्थलों के साथ एक दिन की सैर में शामिल किया जा सकता है। किले से गड़ीसर झील तक जैसलमेर की एक दिन की यात्रा की योजना इन सभी जगहों को एक साथ देखने में मदद करती है।
शहर लौटने से पहले झील के घाटों और नक्काशीदार पत्थर की इमारतों को देखने के लिए पर्याप्त समय रखें।
जैसलमेर का ऐतिहासिक केंद्र आपकी यात्रा का एक और अहम पड़ाव हो सकता है। यहाँ की धरोहर को करीब से जानने के लिए जैसलमेर किले और उसके जैन मंदिरों की सैर पर बनी गाइड देखें।
शहर की एक दिन की सैर में बाज़ार भी शामिल किए जा सकते हैं। जैसलमेर के कौन-से बाज़ार देखें में सदर बाज़ार, माणक चौक और भाटिया बाज़ार की जानकारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गड़ीसर झील प्राकृतिक है या कृत्रिम?
यह पानी जमा करने और संरक्षित रखने के लिए बनाया गया एक कृत्रिम जलाशय है।
क्या गड़ीसर झील में नौका विहार कर सकते हैं?
यहाँ पैडल बोट और नाव चलाने की सुविधा है, लेकिन आने से पहले मौजूदा उपलब्धता और दाम की पुष्टि कर लें।
झील के आसपास क्या देख सकते हैं?
झील के किनारे नक्काशीदार छतरियाँ, मंदिर, देवस्थल और घाट हैं। यहाँ तिलों की पोल भी देखी जा सकती है।
